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Description

कुक्कुटांडत्वक् भस्म के लाभ फायदे:-

यह कैल्शियम का अच्छा स्रोत है।
इसके सेवन सेअस्थि घनत्व में सुधार लाने में मदद हो सकती है।
यह गठिया और हड्डियों की कमजोरी में लाभप्रद है।
श्वेत प्रदर में इसके सेवन से लाभ होता है।
महिलाओं में मासिक धर्म से संबंधित समस्याओं में भी इसका इस्तेमाल होता है।
चंद्रप्रभा वटी के साथ-साथ, कुक्कुटाण्डत्वक भस्म पेशाब को कम करने में मदद करता है।
यह जोड़ों के दर्द से राहत और शारीरिक क्षमता को प्राप्त करने में मदद करता है।
इसमें एन्टासिड गुण है।
यह रसायन है।
यह धातुवर्धक और शुक्र धातु को पुष्ट करता है।
इसके सेवन से ताकत, बल और उर्जा में बढ़ोतरी होती है।
यह स्पर्मेटोजेनिसिस को बढ़ाता है।
इसके सेवन से स्पर्म काउंट बढ़ता है।
यह वीर्य को गाढ़ा करता है।

कुक्कुटांडत्वक् भस्म के चिकित्सीय उपयोग

कुक्कुटांडत्वक् भस्म को एक आयुर्वेदिक कैल्शियम सप्लीमेंट के रूप में समझा जा सकता है। इसके सेवन से हड्डी का घनत्व बढ़ता है हड्डी-दांत मजबूत होते हैं। इससे जोड़ों में दर्द और हड्डियों के फ्रैक्चर होजाने पर भी लाभ होता है। इसके कुछ औषधीय उपयोगोंके बारे में यहाँ जानकारी डी गई है:
कैल्शियम की कमी
कुक्कुटांडत्वक् भस्म उन सभी स्थितियों में लिया जा सकता है जिसमें हड्डियाँ कमजोर होती है। यदि हड्डियों में खनिज घनत्व कम है, ऑस्टियोपोरोसिस, फ्रैक्चर, अस्थिभक्षण, ऑस्टियोआर्थराइटिस, गठिया, हड्डी में दर्द है, तो इसका सेवन करके देखना चाहिए।
हड्डियाँ टूट जाना
हड्डियां कमजोर होना
हड्डियों का कम घनत्व
ऑस्टियोपोरोसिस
ऑस्टियोआर्थराइटिस
ऑस्टियोपीनिया
दांत कमजोर होना
स्त्री रोग
यह स्त्रियों में प्रदर और सोम रोग में लाभप्रद है। सोम रोग में योनि से काफी मात्रा में पानी जैसा स्राव होता है। यह अक्सर कमजोर स्त्रियों में देखा जाता है।
प्रदर
सफ़ेद पानी की समस्या, लिकोरिया
कमजोरी
सोम रोग
पुरुषों की यौन समस्या
शारीरिक कमजोरी
धात गिरना
रात में सोये में स्खलन होना, नाईट फाल
वीर्य का पानी जैसा होना
धात गिरना
 पेशाब की समस्या
पेशाब के अधुइक जाने, बूँद बूँद करके जाने और रात में ज्यादा एशाब आना में इसे चन्द्रप्रभा वटी के साथ लेने से फायदा होता है।
बालों की समस्या
गंजापन, खालित्य
बालों का असमय सफ़ेद होना

कुक्कुटांडत्वक् भस्म की सेवन विधि और मात्रा

कुक्कुटांडत्वक् भस्म को लेने की मात्रा 1 रत्ती से 3 रत्ती (125 mg to 375 mg) है। इसे शहद के साथ, दिन में दो बार सुबह और शाम लेना चाहिए। इसे अकेले ही या अन्य कई दवाओं के साथ रोगानुसार लेते हौं।

Additional information

Weight 0.250 kg

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