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Benefits:-

1. वज़न कम करने के लिए

आजकल लगभग हर दूसरे या तीसरे व्यक्ति को मोटापे की समस्या होती है। बाहर का खाना और सही ढंग से शारीरिक क्रिया न करने से कई लोग वज़न बढ़ने की समस्या से परेशान हैं। ऐसे में अगर एलोवेरा जूस का सेवन किया जाए, तो कुछ हद तक इस परेशानी से छुटकारा मिल सकता है। एलोवेरा में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो वज़न को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं।
शोध के मुताबिक़ एलोवेरा का सेवन आहार प्रेरित मोटापे को भी कम करता है । यह ऊर्जा खपत को बढ़ाता है और शरीर में फैट को जमने से कुछ हद तक कम करता है। यह मधुमेह और मोटापे से परेशान लोगों के लिए भी लाभदायक है

2. रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है

बदलते मौसम के साथ-साथ कई बार लोग जल्दी बीमार हो जाते हैं। ऐसे में एलोवेरा का सेवन आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है। यह कोशिकाओं को नाइट्रिक ऑक्साइड और साइटोकिन्स का उत्पादन करने के लिए प्रेरित करता है, जो शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करते हैं
एलोवेरा जूस, रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने का काम बहुत अच्छे से करता है। आप सोने से पहले एलोवेरा जूस पी सकते हैं। सोते समय एलोवेरा आपके शरीर में अपना काम करना शुरू कर देता है। जब आप लगातार इसका सेवन करने लगेंगे, तो आपको अपने अंदर फर्क महसूस होने लगेगा। कुछ अध्ययन के अनुसार, एलोवेरा का सेवन सेलुलर और ह्यूमोरल (शारीर में एक प्रकार का द्रव्य) इम्यून को उत्तेजित कर सकता है। वहीं, नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट के अनुसार, एलोवेरा जेल रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने  के रूप में कार्य कर सकता हैं। यही काम एलोवेरा जूस भी कर सकता है।

3. पाचन क्रिया के लिए एलोवेरा

आजकल ज़्यादा मिर्च-मसाले वाला और बाहरी खाना खाने से पाचन तंत्र खराब हो जाता है। ऐसे में अगर एलोवेरा का जूस पिया जाए, तो काफ़ी हद तक पेट संबंधी परेशानियों से आराम मिल सकता है। इस जूस में लैक्सटिव (पेट साफ करने की प्राकृतिक दवा) होता हैं, जो पाचन क्रिया में मदद करता है। यह पाचन तंत्र को साफ़ करता है और कब्ज़ व आईबीएस (आंत संबंधी बीमारी) को ठीक करता है। यहां तक कि यह पेट के अल्सर में भी आराम पहुंचाता है। हालांकि, एलोवेरा को आप अन्य तरीकों से खाएंगे, तो भी फायदेमंद होगा, लेकिन इसका जूस पेट में आसानी से अवशोषित हो सकता है।

4. मानसिक स्वास्थ्य के लिए

आजकल हर दूसरा व्यक्ति तनाव से ग्रसित है। ऐसे में ज़रूरी है कि योग व व्यायाम के साथ-साथ खानपान पर भी ध्यान दिया जाए। एक अध्ययन के मुताबिक़, जिन व्यक्तियों के आहार में एलोवेरा शामिल था उन लोगों की स्मरण शक्ति बेहतर हुई और तनाव कम हुआ । यह असर एलोवेरा में मौजूद सैकराइडस (saccharides) की वजह से हुआ।

5. सूजन या जलन के लिए एलोवेरा

सूजन या जलन का एक सामान्य कारण होता है ऑक्सीडेटिव क्षति (oxidative damage)। यह शरीर में मुक्त कणों के वजह से होता है, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। यह तो सामान्य है कि एलोवेरा में एंटी-ऑक्सीडेंट होता है। यही एंटी-ऑक्सीडेंट सूजन को काम करने में मदद करता है । आप एलोवेरा का जूस पी सकते हैं, इससे आपकी सूजन कम होगी।

6. गठिया के लिए एलोवेरा

बढ़ती उम्र के साथ-साथ हड्डियां भी कमज़ोर होने लगती हैं और कई लोगों में जोड़ों के दर्द या फिर गठिया की बीमारी होने लगती है। ऐसे में समय रहते ध्यान देना ज़रूरी होता है। एलोवेरा जोड़ों के दर्द में काफ़ी फायदेमंद होता है। एक अध्ययन के मुताबिक़ यह ऑस्टियोआर्थराइटिस (osteoarthritis) के इलाज में लाभ पहुंचा सकता है । फिर भी, ऑस्टियोआर्थराइटिस के इलाज के रूप में एलोवेरा के रस को उपयोग करने के लिए लंबे अध्ययन की ज़रूरत है। एलोवेरा में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण के कारण इसका जूस हड्डियों के दर्द से राहत पहुंचाता है।

7. कोलेस्ट्रॉल के लिए एलोवेरा

आजकल हर दूसरा या तीसरा व्यक्ति मोटापे से परेशान रहता है और मोटापे के साथ शरीर में शुरू हो जाती है कई तरह की परेशानियां। कोलेस्ट्रॉल उन्हीं परेशानियों में से एक है। एलोवेरा के सेवन से कोलेस्ट्रॉल की परेशानी काफ़ी हद तक कम होती है। कुछ अध्ययनों से पता चला है कि एलोवेरा महत्वपूर्ण अंगों में कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकता है। इसलिए अगर आप लगातार एलोवेरा का सेवन कर रहे हैं तो आपको कोलेस्ट्रॉल से थोड़ी-बहुत राहत मिल सकती है।

9. डायबिटीज़ के लिए एलोवेरा

इन दिनों डायबिटीज़ की समस्या भी आम हो गई है। एक समय था जब डायबिटीज़ तय आयु के बाद या फिर अनुवांशिक हुआ करती थी, लेकिन आज ऐसा नहीं है। आज डायबिटी़ज किसी भी व्यक्ति को हो सकती है। ऐसे में ज़रूरी है कि समय रहते इस चीज़ पर ध्यान दिया जाए और अगर डायबिटीज़ है, तो उसे संतुलित कैसे रखा जाए ।

डायबिटीज़ में योग व व्यायाम तो ज़रूरी ही है, साथ ही नियंत्रित खानपान भी ज़रूरी है। अगर डायबिटीज़ के मरीज़ अपने आहार में एलोवेरा शामिल करेंगे, तो डायबिटीज में काफ़ी हद तक राहत मिलेगी। हर रोज़ एलोवेरा के सेवन से टाइप 2 वाले डायबिटीज़ के मरीज़ों में ब्लड शुगर के स्तर में गिरावट नज़र आई है। वहीं, फाइटोथेरेपी रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन में भी इसकी पुष्टि की गई है । इसके अलावा, टाइप-1 डायबिटीज़ वाले मरीज़ एलोवेरा के पत्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

10. मुंह के स्वास्थ्य के लिए एलोवेरा

मुंह में बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए एलोवेरा का उपयोग किया जा सकता है। एक भारतीय अध्ययन में कहा गया है कि दंत चिकित्सा के क्षेत्र में एलोवेरा बेहद उपयोगी हो सकता है । एलोवेरा का उपयोग माउथ वॉश के तौर पर भी कर सकते हैं और इसका कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होता । एलोवेरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो प्लाक के कारण मसूड़ों में आई सूजन को कम करने में मदद करता है।
एलोवेरा जेल में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण कैविटी पैदा करने वाले बैक्टीरिया के खिलाफ लड़ सकते हैं। यह मसूड़ों में सूजन की बीमारी खासकर पायरिया में मददगार साबित हो सकता है।

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